Car insurance will be waived here on Loan Moratorium?

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Bank borrowers insurance जिन भी Customers have taken advantage of Moratorium facility उन ग्राहकों के लिए बड़ी Good News है। सूत्रों के मुताबिक, Government ने Interest waived on interest करने का फैसला लिया है। insurence फिलहाल ऐसा अनुमान है कि इस कदम से Government के ऊपर करीब 5000-6000 करोड़ रुपए को बोढ बढ़ जाएगा। हालांकि, central government अभी इसकी घोषणा नहीं करेगी, क्योंकि ये मामला Pending in supreme court। देश की सबसे बड़ी अदालत में December को इस मामले पर अगली सुनवाई होने वाली है।

 

कोरोना की महामारी से लोगों की economic condition पर असर पड़ा था। इससे राहत देने के लिए Reserve Bank of India (RBI) ने Moratorium on loan देने का फैसला किया था। इसमें Customers की इच्‍छा पर था कि वे अपनी Pay emi या न करें। मोरेटोरियम की अवधि 31 December को समाप्‍त हो चुकी है। Bank interest पर Interest insurance charged के कदम को Supreme court में चुनौती दी गई थी। यह मामला अभी Supreme court में लंबित है।

 

After all how did this matter reach the Supreme Court

 

Loans मोरेटोरियम की पेशकश के बाद ग्राहकों की शिकायत थी कि Bank balance पर Additional interest यानी ब्याज के ऊपर ब्याज लगा रहे हैं। इसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

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Can EMI be lower than Loan insurance Moratorium?

 

आपको बता दें कि Loan Moratorium) के जारिए आप अपनी EMI may stop briefly हैं। कोरोना महामारी के दौरान जब बड़ी संख्या में लोग Economic संकट से जूझ रहे थे तो रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से Lone moratorium की पेशकश की गई थी। लोगों ने मार्च से अगस्त तक मोरेटोरियम Plan यानी Installment टालने के लिए मिली छूट का लाभ लिया था।

किन लोगों को मिलेगा सरकार के इस फैसले का फायदा?

सूत्रों ने बताया कि सीसीईए की बैठक में लोन पर ब्याज माफी को मंजूरी मिल गई है, लेकिन बैठक में Selective loan पर ही Interest pardon को मंजूरी मिली है। इसका फायदा 2 Crore rupees तक के Loan takers को मिलेगा। प्रस्ताव के मुताबिक चुनिंदा लोन के लिए Interest on interest माफ किया जायेगा। सरकार ब्याज पर ब्याज का Ex gratia Payment करेगी। 2 करोड़ रु तक के Interest on EMI of loan माफ करने का प्रस्ताव है।

 

How long will the central government issue a circular?

 

14 अक्टूबर को Supreme court ने कहा था कि Central government interest on interest पर Interest waiver scheme को जल्‍द से जल्‍द लागू करना चाहिए। इसके लिए center को एक महीने का वक्त क्यों चाहिए। Supreme court ने साथ ही कहा कि अगर सरकार इस पर फैसला ले लेगी तो हम तुरंत आदेश पारित कर देंगे।

 

इस पर Solicitor general ने कहा कि All loans अलग-अलग तरीके से दिए गए हैं। इसलिए सभी से अलग-अलग तरीके से निपटना होगा। फिर Supreme Court directs the government दिया कि Interest on interest माफी Scheme को लेकर 2 नवंबर तक सर्कुलर लाया जाए। इस पर Solicitor General ने कहा कि सरकार 2 नवंबर तक Interest forgiveness scheme on interest को लेकर सर्कुलर जारी कर देगी।

 

 क्या होता है Loan insurance Restructuring?

 

 

Loan restructuring का सीधा मतलब Existing loan terms को बदलना होता है। Bank इन्‍हें ग्राहकों For customers’ convenience की सहूलियत के लिए बदलते हैं। इससे Bank or financial institution loan principal और इस पर Better ways to manage interest कर पाते हैं। इसका Banks and customers दोनों को फायदा है।

 

Moratorium देने की जरूरत क्यों पड़ी?Manage interest better

 

कोरोना महामारी से लोगों की economic condition पर बुरा असर पड़ा था। इससे राहत देने के लिए Reserve Bank of India (आरबीआई) ने Decision to give moratorium on loan किया था। इसमें ग्राहकों की इच्‍छा पर था कि वे अपनी Pay EMI or not। मोरेटोरियम की अवधि 31 अगस्‍त को समाप्‍त हो चुकी है। ग्राहकों को इसमें Loan repair टालने के लिए छह महीने की मोहलत मिली थी।

 

क्या है पूरा मामला?

 

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए Central government all over the country लॉकडाउन लगाया था। उस समय Industry shut down completely थे। इसीलिए For businessmen and companies कई मुश्किलें खड़ी हो गई। कई लोगों की Jobs चली गईं। ऐसे में Loan installments चुकाना मुश्किल था। ऐसे में Reserve Bank Loan Moratorium की सहूलियत दी थी। यानी Loan installments टाल दी गई थीं। किसी Benefit of Moratorium on loan लेते हुए किस्त नहीं चुकाई तो उस Period interest principal में जुड़ जाएगा। यानी अब Interest on principal + interest लगेगा। इसी ब्याज पर ब्याज का मसला Supreme court में है।

 

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