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UPSC SUCCESS STORY- upsc 2nd topper 2018 batch anu

IAS Interview
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नमस्कार दोस्तों आज हम हाम एक यूपीएससी टॉपर की दर्द भरी रुला देने वाले दासता लेकर आए हैं ?

जिसको सुनने के बाद आपको दिलो दिमाग विचलित हो सकता है |

लेकिन सबसे पहले आप इस पोस्ट को लाइक और शेयर जरूर करें ताकि यह दर्दनाक समय किसी की भी जिंदगी में कभी भी ना आए ।

जी हां खबर फैल चुकी थी फोन की घंटी बजने शुरू हो चुकी थी और मोहल्ले के लोग बधाइयां लेकर आ रहे थे और न्यूज़ चैनल वाले अपने कैमरे और माई क के साथ आ चुके थे उसके बाद की कहानी तो सब जानते हैं कि क्या होगा जी हां हम बात कर रहे हैं अनू कुमारी 2018 के आईएएस टॉपर सेकंड रैंक प्राप्त करने वाली एक साधारण से परिवार में रहने वाली लड़की की,

जी हां जिस उम्र में मोहल्ले परिवार की लड़कियां और स्कूल की सहेलियां नेल पॉलिश लगाती थी सेंट और परफ्यूम मारने और किताब में प्रेम पत्र छिपा कर रखने लगे थे, और अनु आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चल गई थी इससे पहले अनु ने कभी सिनेमा नहीं देखा था चौथी क्लास में एक बार पूरा परिवार मिलकर पानीपत में 2004 में सिनेमा देखने गई थी

और वो उनकी उस टाइम से अब तक की उनकी पहली और आखिरी फिल्म थी और अनु ने कभी भी अपनी पूरी जिंदगी में ब्यूटी पार्लर नहीं गई थी और कभी किसी मॉल में नहीं गई थी और नहीं कभी ऊंची हील वाली चप्पल पहनी थी |

उन्होंने कान्हा से और किस कॉलेज से पढाई की थी 

12वीं पास कर जब अनु दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से फिजिक्स में बीएससी की पढ़ाई करने गई तो उस टाइम थोड़ा सा स्टाइलिश हो गई थी और बाल भी थोड़ा ढंग से रखने लगी बाकी टाइम क्वांटम फिजिक्स और यूपीएससी की तैयारी में डट कर पढ़ाई करने लगे थे ।

पढ़ाई जरूर इंग्लिश मीडियम में हुई थी लेकिन सोनीपत के इंग्लिश मीडियम में इंग्लिश कोई नहीं बोलता था । बता दें कि दिल्ली पहुंच कर अनु ने इंग्लिश बोलना सिखा था लेकिन फिर भी ठीक से अंग्रेजी नहीं बोल पाती थी फिर क्या अनु ने एक दिन ठान लिया कि मुझे भी इंग्लिश में टॉपर करना है |

हिंदू कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद अनु नागपुर के एक कॉलेज से एमबीए करती है और 21 साल की उम्र में पहली नौकरी मिलती है आईसीआईसीआई बैंक मुंबई में,

बता दे कि अब उनका सफर हरियाणा से दिल्ली और दिल्ली से मुंबई ,मुंबई समंदर वाला चमकीला शहर और वहां तो आप लोग जानते होंगे कि वहां की लड़कियां फराटे दार इंग्लिश बोल लेती है और उन सबके बीच एक लड़की जोकि अनु कुमारी एक बैंकर्स जो कि एक सिंपल सी लड़की आज तक ना कोई ब्यूटी पार्लर नहीं कभी जीवन में अनु ने कभी आइब्रो या फिर थ्रेडिंग बनवाई थी ।

मुंबई जाने के बाद की उनकी कहानी

तो मुंबई में एकदम वह सिंपल से देखने वाली अनु सलवार कुर्ती पहनती और दुपट्टा लेती और बालों को कसकर चोटी बना लेती थी। अनु जब मुंबई की बातें याद करती है तो उन्हें अब भी याद है की लड़कियां बोलती थी यह जरूर ही सरदारनी होगी।

अनु कहती है मुंबई जाकर मुझे कई बार हीन भावना महसूस होती थी लगता था कि मैं बाकी लड़कियों जैसी नहीं हूं लेकिन मेरा काम अच्छा था और मेरा तारीफ हमेशा होते थे मेरा काम बाकी mere office Jani bankकर्मियों से अलग था और बिना नेल पॉलिश और वैक्सीन लगाए मैं किसी से कम नहीं हूं । बता दें कि अनु पढ़ाई में अव्वल थी अन्नू केवल 5 लाख के पैकेज वाले नौकरी छोड़कर जब वह सिविल सर्विस की तैयारी करने में जुट गई,

अनु का नौकरी छोड़ने का फैसला आसान तो नहीं था लेकिन अनु का भाई अपने दीदी को लगातार मनाने में लगा रहा मौसी ने कहा मेरे पास आकर पढ़ मैं तेरा सेवा करूं गी और उनके मामा ने कहा बेटा नौकरी छोड़ दे मैं आपका सेवा करूंगा लेकिन अनु अपनी मौसी के बात पर नौकरी तो छोड़ दी उसके बाद वो पीछे मुड़कर कभी नहीं देखी और वह यूपीएससी की तैयारी करने में दिन रात जुट गई और दिन रात एक कर उसी टाइम अनु की शादी हो गई और ससुराल चली गई लेकिन ससुराल में भी काम के साथ उन्होंने पढ़ाई को अपना फर्स्ट ऑप्शन चुना था |

आने सफलता का श्रेय किसे दिन चाहोगी 

और बता दें कि अनु ने पढ़ाई का सबसे सफलता अपने मां भाई और मौसी को ही चुना है अनु ने अपने बच्चे को संभाला और मौसी ने अनु की सेवा की और एक गिलास पानी भी लेने के लिए उठना नहीं पड़ता था । वैसे बता दे दोस्तों की अनु की मां और मौसी कुछ ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं है लेकिन अनु के बचपन से ही इस आदत को जो कि पढ़ने में बहुत ही तेज और माइंड इड किस्म की लड़की थी इसलिए उनके फैमिली वालों ने उनका भी बहुत ही ज्यादा सपोर्ट किया था

बता दें कि अपने ससुराल वाले के गांव में ही रहकर अनु ने पूरी तैयारी से यूपीएससी की परीक्षा को पास करने के लिए मन में ठान ली थी और एक बात और बता दें कि मनु ने कभी भी कोई कोचिंग से पढ़ाई नहीं कि जहां तक कि जिस गांव में रह रही थी वहां कोई भी अंग्रेजी का ट्यूशन नहीं था बता दे दोस्तों की अनु ने ऑनलाइन पढ़ना शुरू किया अगर ऑनलाइन क्लास में कोई कमी होते तो शिकायत करने के बजाय उसमें सही करने की खोज करते रहते,

अनु गांव में रहकर यूपीएससी की परीक्षा क्रैक किया

अनु ने अपने बारे में बोला कि अगर हम सचमुच में कुछ करना चाहते हैं तो रास्ता अपने आप ही निकल जाता है बस उस रास्ते पर रेगुलर चलते रहना होता है असल बात है कहने की हम सचमुच क्या चाहते सवाल यह था कि अनु गांव में रहकर यूपीएससी की परीक्षा क्रैक किया । तो सबसे बड़ी बात यहां यह निकल कर आ रही है अनु ने मन में ठान लिया था कि आईएएस बनना है और आईएएस की परीक्षा एक बार में क्रक करना है और आज वह टॉपर है

अनु अपने दिल की बात कहती है कि अगर कुछ बनना है कुछ करना है तो हमारे पास केवल एक ही रास्ता होता है वह है जी जान लगाकर पढ़ाई करना और शिक्षा की ओर अग्रसर होना एक बार की बात है जब अनु की मां गोबर थाप रही थी तब उसको खबर मिला कि उनकी बेटी अनु आईएएस बन गई है ।

upsc success story
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 दोस्तों की हरियाणा के सोनीपत शहर में एक छोटे से गांव में पले बढ़े अनु कुमारी पूरे भारत में आईएएस रैंक में दूसरा स्थान प्राप्त किया था जो कि एक लड़की की गर्व की बात होती है ।

उसके बाद तब क्या अनु के फोन पर बधाई के लिए सेकंड सेकंड पर कॉल आने शुरू हो गए और मीडिया वाले इकट्ठे हो गए बधाई देने के लिए और भी बहुत सारे मंत्री और नेता भी उनके घर में आकर बधाई दिया ।बता दे दोस्तों की अनु कुमारी IAS topper 2018 2nd rank हासिल की थी

एक मध्यवर्गीय जाट परिवार में पैदा हुई थी

जी हां 18 नवंबर 1986 को एक मध्यवर्गीय जाट परिवार में पैदा हुई थी और जब यह पैदा हुई थी तब इनके घर में मातम छा गया था क्योंकि बेटा के बजाय बेटी पैदा हुई थी उनके घर में इसीलिए सारे मोहल्ले के लोग खुशी के बजाय बुरा भला कह रहे थे |

लेकिन अगर कोई खुश था तो वह इंसान उनके पिता थे । उनके पिता के बारे में बताएं तो अनु ने खुद बताया है कि अपने बेटों से ज्यादा वह अपने बेटी को प्यार करते थे उनके पिता एक मामूली सी कंपनी में रोजाना पैसे पर काम करने वाले एक छोटे से कर्मचारी थे जोकि बहुत नेक दिल और खुशमिजाज स्वभाव के थे उनके मां गाय भैंस और दूध के काम घर पर रहकर करते थे लेकिन यह सब परेशानियों से लड़कर अनु कुमारी ने यूपीएससी 2018 में पास ही नहीं की बल्कि ओवर ऑल सेकंड रैंक लाकर अपने मां पिता और फैमिली और अपने देश का नाम रोशन किया

और बहुत से कुछ अपने मुकाम पर लाकर रख दिया तो दोस्तों आशा करता हूं कि हमारे द्वारा बताए गए एक सिंपल से फैमिली रहने के बाद भी एक आईएएस कैसे बन सकते हैं |

तो अगर पसंद आया होगा यह पोस्ट तो आप अपने दोस्तों के साथ फेसबुक व्हाट्सएप और भी बहुत सारे सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें जिससे कि और भी लोग आपके साथ मोटिवेट हो और कुछ अलग करने की सोच सकें तो मिलते हैं एक और ऐसे ही नया पोस्ट के साथ तब तक के लिए नमस्कार

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