IAS vs IPS

IPS अपनी टोपी IAS के सामने क्यों नहीं पहनता है, IAS vs IPS

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IPS अपनी टोपी IAS के सामने क्यों नहीं पहनता है | दिलचस्प प्रश्नों के जवाब | IAS VS IPS

ऐसे ही कई बड़े दिलचस्प बातें इस पोस्ट में बताई गई है तो पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें ?

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आईएएस और आईपीएस दोनों ही पद एक DIASISTRICT के दोनों ही महत्वपूर्ण पद होते हैं IAS और IPS एक दूसरे के पूरक हैं दोनों ही भारतीय समाज के DEVLOP के लिए आवश्यक हैं आईएएस और आईपीएस अखिल भारतीय सेवाओं में सबसे आदरणीय हैं जो आईएस उम्मीदवारों की पहली पसंद है।

एक DISTRICT में एक से ज्यादा आईएएस तथा आईपीएस तैनात होते हैं परंतु सबसे IMPORTANT पद जिले के डीएम तथा SSP की होती है किसी भी DISTRICT के DEVELOPMENT के लिए दोनों का एक साथ कार्य करना अनिवार्य होता है आईएएस तथा आईपीएस दोनों ALL INDIA SERVICES हैं परंतु दोनों की CADER controlling अथॉरिटी अलग अलग है यानी कि RIDER ALLOCATION की AUTHORITY अलग अलग होती है।

IAS की CADER CONTROLLING अथॉरिटी MINISTRY OF PERSONAL होती है जो कि सीधी PRIME MINISTER के अधीन होती है यानी कि आईएस को सीधे तौर पर PRIME MINISTER OFFICE यानी PMO संभालता है परंतु आईपीएस की CADER CONTROLLING AUTHORITY HOME MINISTER की होती है जो कि HOME MINISTER के अधीन होती है यानी कि सीधे तौर पर होम मिनिस्ट्री आईपीएस को संभालता है उनके कंट्रोलिंग अथॉरिटी को संभालता है ।

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TREANING

आईएस तथा आईपीएस की शुरुआती 3 महीने की ट्रेनिंग जिसे Foundation  COURSE भी कहते हैं जो कि लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकेडमी (LBSNAA) में होती है जो कि उत्तराखंड के मंसूरी में स्थित है उसके बाद आईपीएस प्रशिक्षुओं को सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) हैदराबाद भेज दिया जाता है जहां पर अपनी पुलिस ट्रेनिंग लेते हैं ।

आईएस ट्रेनिंग में टॉप करने वाले कैंडीडेट्स को मेडल MEDAL तथा आईपीएस ट्रेनिंग में टॉप करने वाले कैंडिडेट्स को sword of owner दिया जाता है तुलना कि दृष्टि से जाने तो IPS की ट्रेनिंग ज्यादा HARD होती है तथा ज्यादा परिश्रम और लगन की अपेक्षा करती है इसमें HORCE RACING परेड KARATE इत्यादि शामिल होते हैं ।

RESPONCBILITY

अब हम जानेंगे IAS और आईपीएस के पावर और RESPONCBILITY के बारे में आईएस तथा आईपीएस दोनों ही सीमाओं का जॉब प्रोफाइल बहुत ही पावरफुल होता है और दोनों ही पावरफुल POST पर तैनात होते हैं परंतु आईएस एक  District Magistrate के रूप में काफी ज्यादा powerfull होता है।

और एक आईपीएस के पास केवल अपने विभाग की जिम्मेदारी होती है परंतु एक IAS यानी कि एक DM के पास एक डिस्ट्रिक्ट के सभी DEPARTMENT की जिम्मेदारी होती है डीएम के रूप में एक IAS OFFICER, पुलिस अधिकारी के साथ-साथ अन्य विभागों का भी मुख्य होता है जिले के पुलिस व्यवस्था के जिम्मेदारी भी डीएम के पास ही होती है और शहर में कर्फ्यू और धारा 144 इत्यादि लॉ एंड ऑर्डर से जुड़े सभी DECISION डीएम ही लेता है।

भीड़ पर फायरिंग का order भी डीएम ही देता है और आईपीएस भीड़ पर FIRING का आर्डर नहीं दे सकता है । और इतना ही नहीं पुलिस OFFICER के ट्रांसफर के लिए भी डीएम के APPROVAL की आवश्यकता होती है।

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IPS officer vs IAS officer

एक PROTOCOL में यह भी वर्णित है कि यदि आईपीएस आईएएस के साथ MEATING में जाता है तो आईएस को SELUTE करना होगा किंतु ऐसा तभी होगा जब IPS अपनी फुल UNIFORM में हो यदि IPS ने अपनी कैप नहीं पहनी है तो वह आईएस को SALUTE करने के लिए बाध्य नहीं है

इसलिए ऐसा प्राय देखा गया है कि आईएस से MEATING के दौरान आईपीएस OFFICERS अपनी CAP नहीं पहनते हैं।

डीएम के रूप में एक आईएएस अधिकारी का SCOPE OF DUTY DISTRICT के सभी DEPARTMENT में एक आईपीएस SSP रहते हुए सिर्फ अपने पुलिस विभाग तथा यातायात विभाग में ही कार्य कर सकता है और डीएम का कार्यक्षेत्र LAND RECORDS REVENUE लॉ एंड ऑर्डर और AGRICULTURE इत्यादि डिस्ट्रिक्ट के सभी डिपार्टमेंट होते हैं ।

SALARY

भारत में आईपीएस अधिकारी का वेतन सातवें वेतन आयोग की RECOMMENDATION के बाद से काफी बेहतर हुआ है और आईपीएस का वेतन ₹56100 प्रति माह से लेकर ₹225000 प्रति माह तक हो सकता है।

IAS की SELARY भी साथ में वेतन आयोग की रिकमेंडेशन काफी बेहतर हो गया है IAS का वेतन ₹56000 प्रति माह से लेकर ₹250000 प्रति माह तक हो सकता है यह भी SINIORITY के आधार पर अलग-अलग होता है आईएस की सैलरी आईपीएस से ज्यादा होती है।

UNIFORM

UNIFORM आईएस तथा आईपीएस को अलग करती है आईAएस ऑफिसर के लिए कोई खास UNIFORM नहीं होती है बस उन्हें सरकारी आयोजन में फॉर्मल कपड़े पहने होते हैं परंतु आईपीएस को उनकी निर्धारित UNIFORM पहननी होती है।

आईपीएस की यूनिफार्म PRAMOTION के साथ-साथ बदलती जाती है उन्हें हर COLOUR के साथ SOLDER पर सितारे तलवार तथा अशोक की लाट लगानी होती है इसलिए एक आम जनता कपड़ों से आईAएस को नहीं, बल्कि आईपीएस को पहचान लेती है ।

DEPARTMENT FOR POST

एक आईएस के लिए भारत में TOP POST CABINET SECRETARY की होती है यह भारत का सर्वोच्च पद है जिस पर सिर्फ एक आईएएस OFFICER ही तैनात किया जा सकता है और स्टेट में भी टॉप पोस्ट चीफ सेक्रेटरी की होती है जो एक आईएएस ऑफिसर होता है, यहां तक कि होम सेक्रेटरी के पद पर भी एक IAS OFFICERS को ही तैनात किया जाता है

आईपीएस अपने राज्य का DIRECT GENERAL OF POLICE यानी कि DGP बन सकता है और केंद्र सरकार में 1 आईपीएस OFFICERS CBI, IB तथा का DIRECTOR बन सकता है इसके साथ-साथ NATIONAL SECRETY ADVISOR यानि कि NSA के पद पर भी आईपीएस की ही तैनाती की जा सकती है ।

तो दोस्तों हमारी यह पोस्ट आपको कैसी लगी अच्छी लगी हो तो कमेंट करें। 

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